गुड़िया बनाने का हुनर
झाबुआ की गुड़िया: सिलाई से चेहरे की बारीक रेखा तक
हाथ-पैर अलग सिलते हैं, रुई भरते हैं, फिर जोड़ों और चेहरे पर काम होता है। IDC के अभिलेख में रमेश और शांति परमार की कार्यशाला का यह सिलसिला दर्ज है।
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हाथ-पैर अलग सिलते हैं, रुई भरते हैं, फिर जोड़ों और चेहरे पर काम होता है। IDC के अभिलेख में रमेश और शांति परमार की कार्यशाला का यह सिलसिला दर्ज है।